रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का भारत दौरा: महत्व और उद्देश्य
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन हाल ही में 23वें इंडिया-रशिया समिट के लिए भारत पहुंचे हैं। यह दौरा खासतौर पर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह 2022 में रूस-यूक्रेन संघर्ष के बाद उनका पहला भारत यात्रा है। इस दौरान वे कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में भाग लेंगे और दोनों देशों के बीच रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने के प्रयास होंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी बैठक में मुख्य रूप से व्यापार, रक्षा और ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होने की उम्मीद है। दोनों देशों के बीच कई नए समझौते भी इस दौरान किए जाने की संभावना है, जो भारत-रूस संबंधों को नई दिशा देंगे।
दौरे का कार्यक्रम और प्रमुख बैठकें
पुतिन का भारत दौरा दूसरे दिन में प्रवेश कर चुका है। सुबह वे राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत समारोह में भाग लेंगे, उसके बाद राजघाट पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी बैठक होगी, जिसमें द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की जाएगी।
दोपहर में हैदराबाद हाउस में संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित होगी, जिसमें दोनों नेता अपने विचार साझा करेंगे। शाम को पुतिन भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलेंगे। रात में वे भारत से रूस के लिए रवाना होंगे, इस दौरे का समापन होगा।
भारत-रूस संबंधों में रणनीतिक महत्व और बातचीत के मुख्य बिंदु
पुतिन और मोदी के बीच होने वाली बैठक में तेल आपूर्ति, न्यूक्लियर एनर्जी, और रक्षा क्षेत्र में सहयोग पर चर्चा मुख्य केंद्र रहेगी। विशेष रूप से S-400 एयर डिफेंस सिस्टम और Su-57 फाइटर जेट की खरीद पर बातचीत होने की संभावना है।
यह दौरा जियोपॉलिटिकल बदलावों के बीच दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने का संकेत है। रूस के लिए NATO का विस्तार चिंता का विषय है, और भारत के साथ मिलकर दोनों देश अपने सुरक्षा और आर्थिक हितों को सुरक्षित करने का प्रयास कर रहे हैं।










