मार्गशीर्ष पूर्णिमा का महत्व और उपाय
मार्गशीर्ष पूर्णिमा इस बार 4 दिसंबर 2025 को मनाई जाएगी। हिन्दू पंचांग के अनुसार हर माह की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा का दिन विशेष माना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु, चंद्र देव और माता लक्ष्मी की पूजा का अत्यंत महत्व है। मान्यता है कि यदि इस शुभ अवसर पर पूजा के साथ कुछ ज्योतिषीय उपाय भी किए जाएं, तो इनका फल दोगुना हो जाता है। आइए जानते हैं कि पूर्णिमा के दिन किन उपायों को अपनाना लाभकारी होता है।
पूर्णिमा के दिन किए जाने वाले शुभ उपाय
पूर्णिमा के दिन पवित्र नदी जैसे गंगा या किसी अन्य नदी, तालाब में स्नान करना अत्यंत शुभ माना जाता है। इसके अलावा, चंद्र देव को खीर या दूध से बने व्यंजन का भोग लगाना भी शुभ फलदायक होता है। ऐसा करने से चंद्र देव की कृपा बरसती है और मन को शांति मिलती है। साथ ही, भगवान विष्णु की पूजा और नारायण मंत्र का जप करना घर में सकारात्मक ऊर्जा लाता है। माता लक्ष्मी को कमल का फूल अर्पित करने का भी विशेष महत्व है, क्योंकि यह फूल माता लक्ष्मी का प्रिय है। इस दिन कमल का फूल चढ़ाने से माता की कृपा सदैव बनी रहती है।
पूर्णिमा पर क्या नहीं करना चाहिए
पूर्णिमा के दिन मन और वाणी पर संयम रखना जरूरी है। इस दिन क्रोध करना, नाखून काटना या घर में गंदगी फैलाना अशुभ माना जाता है। साथ ही, तामसिक भोजन जैसे मांस, मिर्च-मसाले वाले व्यंजन से बचना चाहिए। इन उपायों का पालन करने से शुभ फल प्राप्त होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है।











