दिल्ली में वायु गुणवत्ता का गंभीर स्तर बना रहा
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में शनिवार की सुबह भी वायु प्रदूषण का प्रभाव जारी रहा, जिससे लोगों को सांस लेने में कठिनाई का सामना करना पड़ा। दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 332 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। यह आंकड़ा शुक्रवार की तुलना में थोड़ा कम है, जब AQI 369 तक पहुंच गया था। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) द्वारा सुबह 9 बजे जारी किए गए बुलेटिन के अनुसार, दिल्ली में वायु गुणवत्ता लगातार गंभीर श्रेणी में बनी हुई है।
वायु गुणवत्ता मानकों और स्वास्थ्य पर प्रभाव
सीपीसीबी के मानकों के अनुसार, 0 से 50 के बीच की हवा ‘अच्छी’ मानी जाती है, 51 से 100 ‘संतोषजनक’, 101 से 200 ‘मध्यम’, 201 से 300 ‘खराब’, 301 से 400 ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 के बीच की हवा ‘गंभीर’ श्रेणी में आती है। इस प्रदूषण के कारण स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ गए हैं, खासकर बुजुर्गों, बच्चों, गर्भवती महिलाओं और फेफड़ों की बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए यह स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि जब AQI 300 से ऊपर पहुंचता है, तो यह आम जनता के लिए स्वास्थ्य खतरे को बढ़ा देता है।
मौसम और प्रदूषण का मिलाजुला प्रभाव
मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार को दिल्ली का न्यूनतम तापमान 10.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है। सुबह 8:30 बजे आर्द्रता का स्तर 90 प्रतिशत दर्ज किया गया, जिससे हल्की धुंध और ठंडक का अनुभव हुआ। विशेषज्ञों का मानना है कि हवा की दिशा, तापमान में गिरावट और नमी की अधिकता मिलकर स्मॉग की परत को घना कर देते हैं। इन कारकों के कारण प्रदूषक कण जमीन के करीब जमा हो जाते हैं, जिससे AQI में सुधार की संभावना कम हो जाती है। पिछले एक सप्ताह से दिल्ली की हवा ‘खराब’ से ‘बहुत खराब’ श्रेणी में उतार-चढ़ाव कर रही है।










