इंदौर क्राइम ब्रांच ने डिजिटल ठगी के बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया
इंदौर की क्राइम ब्रांच ने करीब 1 करोड़ 60 लाख रुपये की डिजिटल धोखाधड़ी के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए दो और आरोपियों को पंजाब और गुजरात से गिरफ्तार किया है। इस मामले में अब तक कुल 19 आरोपियों को हिरासत में लिया जा चुका है। यह धोखाधड़ी नवंबर 2024 में एक महिला के साथ हुई थी, जिसमें लाखों की रकम का लेनदेन हुआ।
सिस्टम का जाल बिछाने वाली तीन भागों वाली नेटवर्क संरचना
पुलिस की जांच में पता चला है कि यह गिरोह तीन अलग-अलग हिस्सों में काम करता था। पहली टीम पीड़ित से फोन पर संपर्क कर धमकाने का काम करती थी, दूसरी टीम बैंक खातों का प्रबंधन संभालती थी, और तीसरी टीम ऐसे व्यक्तियों के खातों का प्रबंध करती थी जिन्हें पैसे का लालच देकर विदेश भेजा जाता था।
लाओस से संचालित था गिरोह, गिरफ्तार आरोपी लाओस में रहकर कर रहे थे काम
क्राइम ब्रांच के डीसीपी राजेश त्रिपाठी के अनुसार, यह पूरा नेटवर्क लाओस (Laos) देश से संचालित हो रहा था। नवगठित गिरोह में पकड़े गए आरोपी सौरभ सिंह (वापी, गुजरात) और पतरस कुमार (फिरोजपुर, पंजाब) लाओस में रहकर इस गिरोह के लिए काम कर रहे थे। आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्हें चीनी बैंक के माध्यम से भारतीयों के बैंक खातों की जानकारी इकट्ठा करने और गिरोह तक पहुंचाने का काम सौंपा गया था।











