बिहार चुनाव परिणाम पर कांग्रेस में विवाद और तनाव
बिहार में हाल ही में सम्पन्न विधानसभा चुनाव के परिणामों के बाद कांग्रेस पार्टी के अंदर आंतरिक असंतोष और तनाव की खबरें सामने आई हैं। पार्टी के नेताओं के बीच मतभेद और आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है, जो संगठन की स्थिरता पर सवाल खड़ा कर रहा है। खासतौर पर वैशाली और पूर्णिया से चुनाव लड़ने वाले कांग्रेस प्रत्याशियों के बीच हुई तीखी बहस ने पार्टी के अंदरूनी माहौल को गर्म कर दिया है।
कांग्रेस नेताओं के बीच हुई तीखी बहस और धमकी का मामला
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस की बैठक में जब राहुल गांधी (Rahul Gandhi) पहुंच रहे थे, तभी वहां हंगामा शुरू हो गया। बिहार के वैशाली से प्रत्याशी रहे इंजीनियर संजीव और पूर्णिया से चुनाव लड़ने वाले जितेंद्र यादव के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जो इतनी बढ़ गई कि माहौल तनावपूर्ण हो गया। खबरें हैं कि बहस के दौरान संजीव ने कथित तौर पर यादव को गोली मारने की धमकी दी, हालांकि बाद में उन्होंने इस बात का खंडन किया। संजीव ने कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया है और उनका मकसद किसी को डराना या धमकाना नहीं था।
आंतरिक विवाद और पार्टी की स्थिति
कांग्रेस की ओर से अभी तक इस विवाद पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन इस घटना ने पार्टी के अंदरूनी खींचतान और आपसी विश्वास की कमी को उजागर कर दिया है। वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि हार के असली कारणों पर चर्चा करने के बजाय, नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला संगठन को कमजोर कर रहा है। बिहार में इस बार बीजेपी (BJP) और जेडीयू (JDU) गठबंधन ने 202 सीटें जीतकर सत्ता बरकरार रखी, जबकि आरजेडी (RJD) और कांग्रेस का गठबंधन केवल 35 सीटों पर सिमट गया। 2020 के चुनाव में कांग्रेस को 19 सीटें मिली थीं, जो इस बार घटकर केवल 6 रह गई हैं।










