बिहार में अपराध नियंत्रण के लिए नई सख्ती का संकेत
बिहार में लंबे समय से कानून व्यवस्था को लेकर चिंता जताई जा रही है, खासकर चुनावी माहौल में अपराध की घटनाओं में वृद्धि ने सरकार की चुनौतियों को और बढ़ा दिया है। अब नई सरकार ने इस दिशा में कड़ा कदम उठाने का संकेत दिया है। गृह विभाग का जिम्मा डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी को सौंपे जाने के बाद, उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि राज्य में अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं बचेगी।
योगी मॉडल की तर्ज पर बिहार में सख्त कार्रवाई की तैयारी
सम्राट चौधरी ने अपने पहले ही प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपराधियों को चेतावनी दी है कि चाहे वे जमीन से जुड़े हों, बालू माफिया हो या शराब कारोबार से संबंधित, सभी को बिहार छोड़ना होगा। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा नहीं किया गया, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह बयान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की 2017 में शुरू की गई सख्त नीति की याद दिलाता है, जिसमें अपराधियों को प्रदेश छोड़ने का अल्टीमेटम दिया गया था।
बिहार में योगी मॉडल लागू करने की दिशा में कदम
सम्राट चौधरी ने यह भी घोषणा की है कि बिहार में भी उत्तर प्रदेश की तरह संगठित अपराध को जड़ से खत्म किया जाएगा। पुलिस को सख्ती से अपराधियों को रोकने का निर्देश दिया गया है। इसके साथ ही, बिहार में भी एंटी रोमियो स्क्वाड का गठन किया जाएगा, जो स्कूल और कॉलेजों के आसपास मनचलों पर नजर रखेगा। यदि कोई युवक लड़कियों को परेशान करता पाया गया, तो उसे सीधे यमराज के घर का टिकट मिलेगा।
इसके अलावा, बिहार पुलिस ने बेगूसराय में एक बदमाश का एनकाउंटर किया है, जिसमें भारी मात्रा में हथियार बरामद हुए हैं। सीतामढ़ी में भी पुलिस ने बदले हुए अंदाज में कार्रवाई की, जहां आरोपी को बचाने के लिए भीड़ को हटाने के लिए हवाई फायरिंग की गई। इन घटनाओं से संकेत मिलता है कि बिहार में योगी मॉडल को अपनाने की दिशा में कदम बढ़ाए गए हैं।
राजनीतिक स्तर पर भी, बिहार में योगी आदित्यनाथ की कानून व्यवस्था और माफिया विरोधी नीति का प्रभाव साफ दिख रहा है। उन्होंने अपने भाषणों में कहा था कि अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा और बुलडोजर चलाकर माफियाओं को खत्म किया जाएगा। बिहार में भी इसी तरह की सख्त नीति अपनाने की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे राज्य की छवि बदलेगी और अपराध पर जीरो टॉलरेंस लागू होगा।









