हरियाणा के धौज में संदिग्ध विस्फोटक बरामद
हरियाणा के धौज गांव में पुलिस ने लगभग 2553 किलो संदिग्ध विस्फोटक सामग्री जब्त की है, जो पहले बदरू के खेत में बने एक कमरे में छुपाई गई थी। इस विस्फोटक को डॉ. उमर ने किराए पर लिया था, और बाद में इसे शमशु की गाड़ी से फतेहपुर तक ले जाया गया। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने इस मामले में शोएब को गिरफ्तार किया है, जिसने आरोपियों को छुपाने का ठिकाना मुहैया कराया। साथ ही, दिल्ली में हुए ब्लास्ट के दिन आई20 कार के तकनीकी पहलुओं का भी खुलासा हुआ है। एजेंसियां विस्फोटक नेटवर्क और इसके मकसद की गहराई से जांच कर रही हैं।
शोएब की भूमिका और संदिग्ध गतिविधियों का खुलासा
एनआईए ने शोएब के बारे में चौंकाने वाली जानकारियां प्राप्त की हैं। वह अल्फ़ालाह मेडिकल कॉलेज में वार्ड बॉय के पद पर कार्यरत था। डॉ. मुजम्मिल की गिरफ्तारी के बाद, शोएब ने डॉ. उमर को नूंह की हिदायत कॉलोनी में अपनी महिला रिश्तेदार के घर ठहराया था। इससे स्पष्ट होता है कि विस्फोटक सामग्री के परिवहन और आरोपियों को छुपाने में उसकी भूमिका अहम थी।
दिल्ली ब्लास्ट के दिन आई20 कार का सुराग और जांच का दायरा
10 नवंबर को दिल्ली में हुए ब्लास्ट के दिन, आरोपियों की आई20 कार स्टार्ट नहीं हो रही थी। इस समस्या को हल करने के लिए शोएब ने गांव के ही कार मैकेनिक साहिल को बुलाया। साहिल ने कार चालू करने के लिए 300 रुपये मांगे, लेकिन उसे केवल 200 रुपये ही दिए गए। एनआईए और अन्य जांच एजेंसियां साहिल से पूछताछ कर रही हैं और कार से जुड़ी तकनीकी जानकारियों की जांच जारी है। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में लगी हैं कि विस्फोटक सामग्री की पूरी मात्रा कहां-कहां पहुंचाई गई, इसमें और कौन-कौन शामिल था और इसका अंतिम उद्देश्य क्या था। प्रारंभिक निष्कर्ष बताते हैं कि इस नेटवर्क की जड़ें गहरी हैं और यह कई जिलों में फैला हुआ है।











